सीएफडी व्यापार का मतलब क्या हैसीएफ़डी ट्रेडिंग दिन-प्रतिदिन और भी लोकप्रिय होती जा रही है। लेकिन यह वास्तव में कैसे काम करती है और इसके फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं? हम व्यापक सीएफ़डी ट्रेडिंग गाइड में कांट्रैक्ट फॉर डिफरेंस ट्रेडिंग के संबंध में आपके सभी प्रश्नों का उत्तर देंगे।

एक कांट्रैक्ट फॉर डिफरेंस (सीएफ़डी) किसी संपत्ति की ट्रेड लगाने के समय कीमत और कांट्रैक्ट समाप्ति के समय कीमत के अंतर की गणना करके प्राप्त किया जाता है। ट्रेडर वास्तव में आधारभूत संपत्ति का स्वामी नहीं होता। बल्कि सीएफ़डी आधारभूत संपत्ति के कीमत बदलावों की प्रति बनती है। जब संपत्ति की कीमत बढ़ती है तो ट्रेडर को लाभ होता है या जब संपत्ति की कीमत कांट्रैक्ट समय में घाट जाती है तो घाटा होता है, निर्भर करता है आप कौन सी चाल चुनते है। कांट्रैक्ट फॉर डिफरेंस का निपटारा हमेशा वास्तविक संपत्ति की बजाए नकद में होता है।

सीएफ़डी ट्रेडिंग में दो पक्षों की ज़रूरत होती है, खरीददार और विक्रेता। कांट्रैक्ट निर्धारित करता है कि अगर आधारभूत संपत्ति की कीमत बढ़ती है तो विक्रेता कांट्रैक्ट समय में प्राप्त अंतर का भ्गतान करेगा। दूसरी ओर, अगर कीमत गिरती है, खरीददार अंतर की राशि का भुगतान करेगा।वित्तीय इन्स्ट्रुमेंट में ट्रेड करने के तेजी से लोकप्रिय हो रहे तरीकों में से एक सीएफ़डी, कई फायदे देता हैं जिनके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे।

विस्तृत उदाहरण कांट्रैक्ट फॉर डिफरेंस कैसे काम करता है

जानने योग्य महत्वपूर्ण शब्द

– प्रस्तावित मूल्य – यह विक्रेता द्वारा बताया गया मूल्य है।

– जवाबी मूल्य – यह वह मूल्य है जो खरीददार एक प्रतिभूति के लिए भुगतान करने के लिए राज़ी है।

कांट्रैक्ट करते समय प्रस्तावित मूल्य और जवाबी मूल्य दोनों एक साथ बताए जाते हैं। जवाबी मूल्य हमेशा दोनों में कम होता है।

– स्प्रेड/वृद्धि – यह प्रस्तावित मूल्य और जवाबी मूल्य के बीच का अंतर है।

– मार्जिन – यह वह राशि है जिसकी आपको ट्रेड लगाने के लिए ज़रूरत होगी। आप जिस आधारभूत आस्ति पर ट्रेड लगाना चाहते हैं उसके वर्तमान मूल्य के प्रतिशत पर इस राशि की गणना की जाती है।

आइये उदाहरण देखते हैं
सीएफडी क्या हैं

मान लीजिये कि आप एक स्टॉक पर ट्रेड लगाना चाहते हैं जिसका प्रस्तावित मूल्य $33.46 है और आप 100 शेयर खरीदने का निर्णय लेते हैं। आपको रु $3346 निवेश करने की ज़रूरत होगी।

अगर आप परंपरागत ब्रोकर के ज़रिए ट्रेडिंग करते हैं जो 50% मार्जिन देता है तो आपसे $1673 का निवेश अपेक्षित होगा। दूसरी तरफ ऑनलाइन सीएफ़डी ब्रोकर्स 5% जैसा कम मार्जिन ऑफर करते हैं। इसका मतलब है कि इस ट्रेड के लिए आपटो $167.30 निवेश करने की ज़रूरत होगी।

यह मानते हुए कि उसी स्टॉक का जवाबी मूल्य $33.50 होगा तो स्प्रेड $0.04 होगा। इस ट्रेड एंट्री में आपकी चाल स्प्रेड के बराबर घाटा दिखने की होगी। इस प्रकार, बिना किसी घाटे के ट्रेड करने के लिए स्टॉक कम से कम 4 सेंट बढ़ाना चाहिए।

मान लें कि स्टॉक की कीमत बढ़ती रहती है और प्रस्तावित मूल्य $33.96 तक पहुँच जाती है, तो अब आप इसे $50 के लाभ पर बेचेंगे।
इसका मतलब है कि आप 1.49% का संभावित रिटर्न अर्जित कर सकते हैं। लेकिन, वास्तविकता में देखें तो सीएफ़डी ब्रोकर द्वारा बताई गई वृद्धि स्टॉक मार्केट में वास्तविक वृद्धि से ज़्यादा होने की संभावना होती है। इस प्रकार, $33.96 के बजाए जवाबी मूल्य वास्तव में $33.94 होगा। अगर आप इस कीमत पर बेचते हैं, तब भी आपको $48 का मुनाफा होगा। आपके $167.30 निवेश को लेकर गणना करने पर, इसका मतलब होगा कि आपने 26.89% रिटर्न प्राप्त किया है।

अब भी मान लें कि सीएफ़डी ब्रोकर के बताई वृद्धि और वास्तविक स्टॉक मार्केट में वृद्धि में अंतर है तो ब्रोकर प्रस्तावित मूल्य थोड़ा सा ज़्यादा बता सकता है, जैसे कि $33.48। तब भी अगर ट्रेड सफल होती है तो आपका मुनाफा होगा।

तो फिर C F D ब्रोकर स्टॉक मार्केट में कोटेड मूल्य से प्रस्तावित मूल्य थोड़ा ज्यादा और जवाबी मूल्य थोड़ा कम क्यों बताएगा?

कई C F D ब्रोकर ट्रेडर को वृद्धि की राशि का भुगतान करने पर मजबूर कर कैसे बनाते हैं. प्रस्तावित मूल्य और जवाबी मूल्य के बीच थोड़ा सा अंतर ट्रेड पर घाटे को कम करने में उनकी मदद करता है।

सीएफ़डी ट्रेडिंग के फायदे

सीएफडी शेयर क्या हैंसीएफडी ब्रोकर उच्च लेवरेज ऑफर करते हैं

लेवरेज वह राशि होती है जो ब्रोकर आपको ट्रेड लगाने के लिए उधार देता है। यह मार्जिन का उल्टा होता है का मतलब है वह न्यूनतम राशि जो कि ट्रेड लगाने के लिए आवश्यक है। ऊपर दिया हुआ उदाहरण प्रयोग करके देखें तो, क्योंकि सो शेयर खरीदने के लिए $3346 की पूंजी की आवश्यकता होती है, 5% मार्जिन के साथ, आप $167.30 का निवेश करते हैं जबकि ब्रोकर आपको शेष राशि $3178.70 उधार देता है।

कम मार्जिन का मतलब है कि आप स्ट्रेट पर ज्यादा पैसा उधार ले सकते हैं और आप अपने खुद के पैसे को जोखिम में कम डालते हैं।
इससे हर ट्रेड पर लाभ की संभावना बढ़ती है। दूसरी तरफ उच्च लेवरेज आपके घाटों को भी बढ़ा सकता है।

कहीं से भी वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाना

सीएफ़डी ट्रेडिंग आपको वित्तीय इंस्ट्रूमेंट की एक्सेस देता है जिसमें स्टॉक, ट्रेजरी, करेंसी, सेक्टर सी एफ डी, सूचकांक और कमोडिटीज़ शामिल है। ऑनलाइन सी एफ डी ब्रोकर विश्व में उपलब्ध सभी बड़े बाजारों तक पहुंचने की सुविधा देता है। जब तक कि कोई विशेष बाजार खुला हुआ है, आप उस तक ब्रोकर प्लेटफॉर्म के जरिए पहुंच सकते हैं।

कोई शोर्ट सेलिंग का नियम नहीं है

कई वित्तीय बाजारों में शोर्टिंग नियम होते हैं जोकि ट्रैक्टरों के लिए नुकसानदायक है। उदाहरण के लिए, बेचने पर आप को एक अलग मार्जिन मिल सकता है( जिसमें कि आपको क्या पूंजी की जरूरत होती है) या आपको शुरुआती तौर पर इंस्ट्रूमेंट उधार करने की जरूरत होती है।
यह नियम ट्रेडरों को जो नहीं है उसे बेचने के प्रति हतोत्साहित करने के लिए बने हैं, C F D बाजार साधारणतया ऐसे नियम नहीं लगाते हैं जिससे आप अपनी ट्रेड को जब चाहे बेच सकते हैं और अपने लाभ को सुरक्षित तथा घाटे को कम कर सकते हैं।

ट्रेडरों के लिए आसान सुविधाजनक ऑर्डर प्रकार

ब्रोकर द्वारा दिया गया आर्डर प्रकार लंबे समय में आप कितनी अच्छी तरह से जोखिम का प्रबंधन कर सकते हैं इसका निर्णय करता है। आधुनिक सीएफटी ब्रोकर आपको परंपरागत ब्रोकरों द्वारा दिए जाने वाले ऑर्डर प्रकार ही उपलब्ध कराते हैं। जिसमें स्टॉप और सीमाएं शामिल है। कुछ ब्रोकर एक शुल्क लगाकर आपको गारंटीकृत स्टॉप भी उपलब्ध कराते हैं।
लेकिन हम सिफारिश करते हैं कि आप पहले ब्रोकरों द्वारा दिए जाने वाले अलग-अलग आर्डर प्रकार के बारे में जाने उसके बाद उन पर निवेश करें।

कम या शून्य शुल्क

शुल्क और कमिशन आसानी से आपकी अर्जित राशि को कम कर सकते हैं। C F D बाजार इस तरह बने हैं कि ब्रोकर ट्रेडरों से वृद्धि की राशि का भुगतान करवा कर राजस्व कमाते हैं। ऐसे में बहुत संभव है कि आपका ब्रोकर आपको लगाई गई ट्रेड पर कोई कमीशन या शुल्क नहीं लगाता।

आप केवल डे ट्रेडिंग तक प्रतिबंधित नहीं है

जब आप सीएफडी ट्रेडिंग करते हैं तो डे ट्रेडिंग केवल एक विकल्प होता है। कुछ बाजार मैं आपको प्रतिदिन अधिक से अधिक ट्रेड लगाने या फिर1 दिन में रेड पर कितनी पूंजी निवेश करते हैं इस पर एक सीमा लगाने की आवश्यकता होती है । C F D ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए साधारणतया कम से कम $1000 की आवश्यकता होती है लेकिन यह पूरी तरह ब्रोकर पर निर्भर करता है।

सीएफ़डी ट्रेडिंग के नुकसान

आपको स्प्रेड/ वृद्धि राशि का भुगतान करना होता है

C F D ब्रोकर ट्रेडर्स स्प्रेड/ वृद्धि राशि का भुगतान करा कर राजस्व कमाते हैं। इससे जीती हुई ट्रेड पर आपकी कमाई कम होती है और हारी हुई ट्रैक्टर घाटा भी बढ़ जाता है। लेकिन, साधारणतया लगाई जाने वाली स्प्रेड/ वृद्धि राशि बहुत कम होती है।

हर ट्रेड पर भुगतान की जाने वाली स्प्रेड/ वृद्धि राशि के कारण ट्रेड लगाना और उससे बाहर आना ट्रेडर के लिए बहुत महंगा साबित हो सकता है ।

सीएफडी ट्रेडिंग पर सख्त नियम नहीं है

कुछ बाजार जैसे कि बायनरी ऑप्शन ट्रेडिंग बहुत ज्यादा धोखाधड़ी की घटनाओं के कारण शक्ति से विनियमित किए जाते हैं। दूसरी तरफ सी एफ डी ट्रेडिंग पर ज्यादा विनियमन नहीं है और निवेशकों को ब्रोकर चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। भरोसेमंद ब्रोकर चुनने का एक तरीका है कि आप ब्रोकर की प्रतिष्ठा और पिछला रिकॉर्ड पता लगाने के साथ-साथ वह अपने प्लेटफार्म पर कौन सी अलग-अलग सुविधाएं देते हैं इनके बारे में भी जाने।

सीएफ़डी ट्रेडिंग अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सीएफ़डी में हुए मुनाफे पर कर लगता है?

सीएफडीए कर मुक्त हैं

जी हां , सीएफ़डी में हुए मुनाफे पर कर लगता है। सीएफ़डी में ट्रेडिंग करने का सीधा मतलब है कि आप मुनाफा कमाना चाहते हैं। UK और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में कमाया गया मुनाफा पूंजीगत लाभ कर के अंतर्गत माना जाता है। अगर सीएफ़डी ट्रेडिंग आपकी आएगा मुख्य जरिया है तो इन पर हुआ मुनाफा आयकर के अंतर्गत आ सकता है। दूसरी ओर, सीएफ़डी ट्रेडिंग में घाटा होने पर वह हुए अन्य लाभ में समायोजित किया जा सकता है। क्योंकि आप वास्तव में आधारभूत संपत्ति के स्वामी नहीं है इसलिए सीएमडी स्टांप ड्यूटी से मुक्त है।

आपके सीएफ़डी मुनाफे का टैक्सेबल होना इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देश के नागरिक है और आपने वर्ष में कितना मुनाफा कमाया है।
अगर आपको इस विषय में जानकारी नहीं है तो कानूनी सलाह लेना बेहतर होगा

क्या सीएफडी टैक्स फ्री है?

सीएफडी खरीदने और बेचने पर आपको स्टांप ड्यूटी जैसा कोई टैक्स नहीं देना होता है। इसका कारण यह है कि आप ट्रेड की जाने वाली संपत्ति के वास्तविक स्वामी नहीं है। लेकिन, आपके द्वारा कराए गए मुनाफे पर कर लग सकता है जबकि वह नियमों द्वारा दी गई एक निश्चित न्यूनतम सीमा पर पहुंच जाता है।

क्या सीएफडी सुरक्षित है?

सीएफ़डी में ट्रेड करना सुरक्षित माना जाता है। लेकिन दो मुख्य कारण है जो कि यह निर्णय करते हैं कि आपका पैसा सुरक्षित है या नहीं। पहला, जिस ब्रोकर के साथ आप निवेश कर रहे हैं वह विनियमित है या नहीं उदाहरण के लिए अगर आप UK में ट्रेडिंग कर रहे हैं तो यह निश्चित कर लें कि आपका ब्रोकर फाइनेंसियल कंडक्ट अथॉरिटी(FCA) या फिर यूरोप में CySEC द्वारा विनियमित हो।

दूसरा, C F D ट्रेडिंग का आप का तरीका। जैसा कि किसी भी अन्य वित्तीय बाजार के साथ है, यहां भी आपकी निवेश की गई राशि के डूबने की संभावना होती है। सही खोजबीन और अच्छी ट्रेडिंग कार्यनीति का प्रयोग आप के जोखिम को कम करता है। आपको ब्रोकर द्वारा उपलब्ध कराए हुए टूल्स ,जैसे सीमाएं और स्टॉप, का प्रयोग अपने ट्रेड पर हुए घाटों को कम से कम करने के लिए करना चाहिए।

क्या आप अमेरिका में सी एफ डी पर ट्रेड कर सकते हैं?

वर्तमान में USA में सीएफटी ट्रेडिंग की अनुमति नहीं है। डॉड फ्रेंक अधिनियम जैसे नियम C F D सहित अन्य नकदी वाले वित्तीय इंस्ट्रूमेंट पर ट्रेडिंग करने पर रोक लगाते हैं। साथ ही अलग-अलग विनिमय केंद्र जो एस ई सी और सी एफ टी सी द्वारा विनियमित है, यूएस नागरिकों को C F D ऑफर नहीं करते।

क्या सीएफडी ट्रेडर पैसे बनाते हैं?

कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस लिवरेज के माध्यम से बड़ा रिटर्न पाना संभव बनाता है। जैसे कि अन्य वित्तीय बाजारों में होता है, सी एफ डी पर पैसा बनाना पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी अच्छी तरह से ट्रेन पर लगाई गई आधारभूत संपत्ति की कीमत में बदलावों का अनुमान लगा सकते हैं।
सीएफडी व्यापारियों ने पैसा कैसे कमाया

क्या सीएफडी की कोई समाप्ति तिथि होती है?

सीएफ़डी की समाप्ति तारीख इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस प्रकार के इंस्ट्रूमेंट पर ट्रेन लगा रहे हैं। समाप्ति तिथि हर महीने की अंत भी हो सकती है और हर तिमाही का अंत भी या ऐसे ही और भी। आमतौर पर समाप्ति तिथि ब्रोकर द्वारा सूचित की जाती है। साधारण सीएफडी, जिन पर समाप्ति तिथि होती है, में तेल, गैस और तांबा शामिल है। अगर अंतिम तिथि पर आप आपके पास एक सकरी खाता है तो यह अगले ट्रेडिंग साइकिल मैं चला जाता है। दूसरी तरफ ज्यादातर C F D में समाप्ति तिथि नहीं होती है क्योंकि वह एक नकद उत्पाद की तरह प्रयोग में लाए जाते हैं। वह आपको जब तक आप चाहें अपनी स्थिति बरकरार रखने की सुविधा देते हैं।

सीएफ़डी की कीमत किस तरह निश्चित होती है?

सीएफ़डी मूल्य विशेष सूचक या आस्ति के आधारभूत बाजार में मूल्य के बराबर होता है। लेकिन आप ध्यान देंगे कि एक विशेष समय में प्रस्तावित मूल्य और जवाबी मूल्य अलग-अलग ब्रोकर में अलग-अलग होता है। यह मूल्य ब्रोकर द्वारा” उचित मूल्य” कारक जोकि आधारभूत बाजार की विसंगतियों को कवर करने के लिए होता है, लगाए जाने के बाद निकलता है।
यह गणना लाभदायक स्थिति पर ओवरनाइट वित्तीय प्रभार लगाकर की जाती है या फिर हर ट्रेड पर एक कमिशन लगाकर की जाती है।

सीएफ़डी ब्रोकर पैसे कैसे बनाते हैं?
How do CFD brokers make money

ज्यादातर कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस ब्रोकर कोई कमीशन या शुल्क नहीं लगाते हैं। उनका राजस्व बनाने का मुख्य तरीका ट्रेडर से स्प्रेड/ वृद्धि राशि का भुगतान करवाना है। इसका कुछ खास मूल्य नहीं होगा क्योंकि कई बार ब्रोकर द्वारा बताई गई स्प्रेड/ वृद्धि राशि आधारभूत बाजार की राशि से थोड़ी ज्यादा होती है।

 

सीएफ़डी कैसे काम करता है?

कांट्रेक्ट फॉर डिफरेंस एक वित्तीय डेरीवेटिव है जो कि दो पक्षों खरीदार और विक्रेता के बीच एक अनुबंध होता है। सीएफ़डी की कीमत आधारभूत आस्ति, जिसकी ट्रेडिंग की जा रही है, की कीमत के बराबर होती है। ऐसे में, सीएफ़डी खरीदने के लिए आपको आधारभूत संपत्ति का स्वामी होने की आवश्यकता नहीं होती।

सीएफ़डी ट्रेडरों को आधारभूत आस्ति की कीमत में होने वाले बदलाव काअनुमान लगाने की अनुमति देता है और इस प्रकार उन्हें मुनाफा कमाने का अवसर या घाटे की संभावना उपलब्ध कराता है। अगर खरीददार कीमत में होने वाले बदलावों का सही अनुमान लगा लेता है तो विक्रेता को अनुबंध के समय के मूल्य और वर्तमान मूल्य के बीच के अंतर का भुगतान करना होता है और ऐसे ही विपरीत क्रम में।
अंतर की राशि की गणना ट्रेड लगाते समय सीएफडी के मूल्य में से ट्रेड समाप्ति पर इसके मूल्य को घटाकर की जाती है।

क्या सी एफ डी स्टॉक एक स्कैम है?
एक घोटाले सीएफडीएस हैं

UK, जर्मनी, इटली और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों मैं सीएफडी स्टॉक कानूनी रूप से वैध है। लेकिन कुछ क्षेत्रों में गैर विनियमित होने के कारण, धोखेबाज सीएफ़डी प्रोवाइडर ऑनलाइन संचालन कर रहे हैं।
इसलिए हमारा सुझाव है कि अपना धन निवेश करने से पहले अलग अलग सी एफ डी ब्रोकरों के बारे में सावधानीपूर्वक खोजबीन कर जानकारी प्राप्त करें।

क्या सीएफ़डी ट्रेडिंग सट्टेबाजी है?

कई लोग तर्क करते हैं कि सीएफ़डी ट्रेडिंग एक तरह की सट्टेबाजी है। लेकिन, दोनों में कोई अंतर है।
यद्यपि कि सीएफ़डी ट्रेडिंग और सट्टेबाजी दोनों ही कई देशों में सख्ती से विनियमित है, लेकिन दोनों उद्योगों को विनियमित करने वाले प्राधिकरण अलग-अलग है।

कई लोग तर्क करते हैं कि सीएफ़डी ट्रेडिंग एक तरह की सट्टेबाजी है। लेकिन, दोनों में कोई अंतर है।
यद्यपि कि सीएफ़डी ट्रेडिंग और सट्टेबाजी दोनों ही कई देशों में सख्ती से विनियमित है, लेकिन दोनों उद्योगों को विनियमित करने वाले प्राधिकरण अलग-अलग है।

क्या मुझे सीएफटी में ट्रेड करना चाहिए?

सीएफडी ट्रेडिंग छोटे से निवेश पर बड़ा मुनाफा कमाने का अवसर देता है। सीएफटी ट्रेडिंग करने के कारणों में कुछ कारण नीचे दिए गए हैं:

1. आप लेवरेज का इस्तेमाल करके छोटे से निवेश पर बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं।

2. आप आधारभूत संपत्ति के स्वामी नहीं होते लेकिन कई सारे लाभ प्राप्त करते हैं जो संपत्ति के स्वामी को मिलते हैं जैसे कि डिविडेंड पर ब्याज समायोजन।

3. सीएफ़डी बाजार में अन्य वित्तीय बाजारों की तरह बहुत से प्रतिबंध नहीं है।

लेकिन सीएफ़डी ट्रेडिंग करने के लिए जरूरी है कि आपको वैश्विक वित्तीय बाजारों की अच्छी समझ हो।

किन स्थितियों में आपको सीएफ़डी ट्रेड नहीं करना चाहिए?

1. अगर आप किसी ऐसे देश के नागरिक हैं जहां पर सीएफ़डी में ट्रेड करना प्रतिबंधित है।

2. अगर आपको वित्तीय ट्रेडिंग इंस्ट्रूमेंट के बारे में कोई पिछला अनुभव या जानकारी नहीं है।

सीएफडी का क्या मतलब है?

सीएफ़डी कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस का संक्षिप्त रूप है।

सीएफ़डी कब समाप्त होता है?

ज्यादातर सीएफ़डी की समाप्ति अवधि नहीं होती और आप जब तक चाहे अपनी स्थिति बरकरार रख सकते हैं। सीएफडी की समाप्ति आपके द्वारा ट्रेडकी गई आधारभूत संपत्ति पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए अगर आप तांबे पर ट्रेडिंग करते हैं तो उसकी समाप्ति अवधि 2 महीने बाद होती है। सीएफ़डी की समाप्ति तिथि आमतौर पर ब्रोकर देता है।

सीएफ़डी का अविष्कार कब हुआ?

सीएफ़डी का अविष्कार वर्ष 1990 में लंदन के ब्रायन कीलन और जॉन वूड द्वारा किया गया। उनका मुख्य उद्देश्य ट्रेडरों और फंड को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में खुलासे से छुपाना था।

सीएफ़डी ट्रेडिंग की आधारभूत बातें

कॉन्ट्रैक्ट फॉर डिफरेंस आजकल उपलब्ध लोकप्रिय वित्तीय इंस्ट्रुमेंट्स में से एक है। सीएफ़डी ट्रेडर के रूप में आप आसानी से वैश्विक वित्तीय बाजारों तक पहुंच बना सकते हैं और छोटी राशि का निवेश करके भी लेवरेज के सही उपयोग से बड़ा प्रॉफिट कमा सकते हैं। सीएफ़डी ट्रेडिंग आपको स्टांप ड्यूटी जैसे करो से भी बचाती है। किसी अन्य वित्तीय इंस्ट्रूमेंट बाजार की तरह, सीएफ़डी ट्रेडिंग में भी जोखिम होता है। सबसे ज्यादा उल्लेखनीय है कि एक हारी हुई ट्रेड जिसपर उच्च लेवरेज का प्रयोग किया गया आसानी से आपको आपकी निवेश की हुई राशि से ज्यादा घाटे में पहुंचा सकती है।

पूरी तरह विश्लेषण करें तो सीएफ़डी ट्रेडिंग कीमत में बदलावों का अनुमान लगाकर मुनाफा कमाने का अच्छा तरीका है। लेकिन बाजार के बारे में आवश्यक छानबीन करना और इस बाजार में पैसा कमाने के लिए उपयुक्त ट्रेडिंग कार्यनीति बनाना आपकी जिम्मेदारी है।

इस पेज पर आने के लिए धन्यवाद, कृपया हमारे अन्य सीएफ़डी आर्टिकल भी पढ़ें। ”अगर मुनाफ़ा कमाना है तो सीएफ़डी ट्रेडिंग की इन 5 बड़ी गलतियों से बचें”

सीएफडीएस हलाल हैं

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स्रोत:

https://moneyterms.co.uk/cfd/cfd-tax/

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