हमसे अक्सर पूछा जाता है: बाइनरी ऑप्शन्स क्या हैं? बाइनरी ऑप्शन्स ट्रेड में पैसा लगाने का एक लोकप्रिय वित्तीय इंस्ट्रूमेंट है। वे कई मायनों में अन्य विकल्पों से काफ़ी अलग होते हैं जैसे उन्हें कौन ऑफर कर रहा है, उनकी तरलता, रिवॉर्ड और जोखिन के साथ-साथ उनका भुगतान। साथ ही ये ट्रेडर्स को अन्य परंपरागत विकल्पों की तुलना में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं इसका कारण है ऑनलाइन ब्रोकर्स जो आपको दुनिया में कहीं भी बैठे हुए ट्रेड करने की सुविधा देते हैं।

कोई भी ट्रेडर जो बाइनरी ऑप्शन में निवेश करना चाहता हो उसे इसके जोखिम और संभावित फायदों को ज़रूर समझना चाहिए। यह भी समझना महत्वपूर्ण है कि हर कम्पनी जो बाइनरी ऑप्शन्स ऑफर करती है ज़रूरी नहीं कि वह वैध हो। इसलिए हमने यह साइट बनाई है ताकि हम आपको बाइनरी ऑप्शन ऑफर करने वाले उपलब्ध ब्रोकरों के बारे में गाइड कर सकें।

 

 

 

 

बाइनरी ऑप्शन्स क्या हैं?

द्विआधारी विकल्प ट्रेडोंअक्सर विदेशी विकल्पों के रूप में वर्गीकृत किए जाने वाले, बाइनरी ऑप्शन एक वित्तीय विकल्प हैं जहां पर रिटर्न या तो एक नियत राशि होती है या फिर कुछ भी नहीं होता। साधारणताया नियत मौद्रिक रिटर्न $100 होता है। बाइनरी विकल्प कई नामों से जाने जाते हैं यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कहाँ से ट्रेड कर रहे हैं। इन नामों में फिक्सड रिटर्न ऑप्शन (यूएस), ऑल ऑर नथिन्ग ऑप्शन और डिजिटल ऑप्शन्स शामिल हैं। 
बाइनरी ऑप्शन को समझाने का एक दूसरा तरीका है कि इसे कैसे चलाते हैं। बाइनरी ऑप्शन का एक लेन-देन केवल हाँ या न के प्रस्ताव पर आधारित होता है जो इस बात पर निर्भर करता है किट्रेडर उस वित्तीय इन्स्ट्रुमेंट की कीमत बदलने का क्या अनुमान कागा रहा है।  इस प्रश्न के उत्तर के आधार पर ट्रेडर या तो खरीद (कॉल) या फिर बिक्री (पुट) करता है कि:

क्या समाप्ति अवधि के बाद ट्रेड लगाए गए वित्तीय इन्स्ट्रुमेंट की कीमत बढ़ेगी या घट जाएगी?

अगर ट्रेडर अनुमान लगाता है कि कीमत बढ़ जाएगी, तो उसका अगला कदम खरीद करना होगा। लेकिन अगर, ट्रेडर अनुमान लगाता है कि कीमत गिर जाएगी तो वह बिक्री करेगा। समाप्ति के बाद, जिन ट्रेडरों ने सही अनुमान लगाया था उन्हें मुनाफा होगा। लेकिन जिनका अनुमान गलत था वे अपना निवेश खो बैठेंगे।

क्या होगा अगर समाप्ति अवधि पर कीमत नहीं बदलती है?

ज़्यादातर मामलों में, आपको आपका निवेश किया हुआ धन वापस मिल जाता है और आपका कोई घाटा या लाभ नहीं होता। लेकिन रिफ़ंड की राशि आपके ब्रोकर पर निर्भर करती है। बाइनरी ऑप्शन ट्रेडरों को बहुमूल्य धातुओं, करेंसी जोड़ों, सूचकांक, कमोडिटीज़ और स्टॉक सहित वैश्विक रूप से ट्रेड की जाने वाली सम्पत्तियों पर ट्रेड करने की सुविधा उपलब्ध कराता है।

लेकिन, वास्तव में आधारभूत आस्ति/ संपत्ति खरीदने (उदाहरण के लिए गूगल स्टॉक खरीदना) के बजाए, आप आधारभूत आस्ति की कीमत में बदलाव पर ट्रेड लगाते हैं। यह आपको एक ट्रेड पर $10 जैसी छोटी राशि से ट्रेड करने की सुविधा देता है।

बाइनरी ऑप्शन कैसे काम करता है, यह समझने के लिए एक विस्तृत उदाहरण देखिए

आपने एस&पी 500 इंडेक्स पर ट्रेड करने का निर्णय लिया जिसकी ट्रेडिंग कीमत इस समय $1430 चल रही है। कुछ चार्ट और तकनीकी टूल्स की सहायता से, आप इस नतीजे पर पहुंचे कि कीमत अगले कुछ घंटों में बढ़ाने वाली है। लेकिन आप यह अंदाज़ा नहीं लगा सकते कि कितनी। इसलिए आप खरीद करने का निर्णय लेते हैं।

चूंकि ब्रोकर 5 मिनट से लेकर एक महीने तक के की कई समाप्ति अवधियाँ ऑफर करता है, आपने निर्णय लेते हैं कि आप इस ट्रेड की स्थिति 10 मिनट तक बरकरार रखेंगे। यानि कि, अगर 10 मिनट बाद एस&पी 500 इंडेक्स की कीमत $1430 से ज़्यादा हुई तो आपको मुनाफा होगा। अगर कम हुई तो आपको घाटा होगा। आपका ब्रोकर संकेत देता है कि आप आपने निवेश पर 70% तक लाभ अर्जित करेंगे।

आपकी खाता प्रबंधन कार्यनीति के अनुसार, आप इस ट्रेड पर $100 का निवेश करने का निर्णय लेते हैं (हम साधारणतया आपके खाते के बैलेंस का 2% निवेश करने की सलाह देते हैं)। समाप्ति के समय, एस&पी 500 इंडेक्स की कीमत $1432 है। $2 की बढ़त है। इसका मतलब आपने $70 का मुनाफा बनाया है (%100 का 70%)। इस प्रकार आपका खाते में $170 जमा हो जाते हैं।

याद रखें कि एस&पी 500 इंडेक्स की कीमत में $2 की वृद्धि आपका मुनाफा नहीं है क्योंकि आप वास्तव में इस आस्ति के स्वामी नहीं हैं। यह मुनाफा आपने आपके निवेश पर कमाया है। इसी प्रकार, अगर एस&पी इंडेक्स की कीमत गिरकर $1429 हो जाती है , तो आप अपना निवेश किया हुआ धन $100 खो देंगे। दूसरी तरफ, अगर समाप्ति के समय कीमत $1430 बनी रहती है, तो ऐसा हो सकता है कि ब्रोकर आपके $100 रिफ़ंड कर दे।

यह उदाहरण एक साधारण हाई/ लो विकल्प समझाता है। आजकल के ब्रोकर एक्ज़ोटिक ऑप्शन ट्रेड देते हैं जिसमें वन टच और रेंज शामिल हैं। ये कैसे काम करते हैं इसकी संक्षिप्त जानकारी नीचे दी गई है।

वन टच बाइनरी ऑप्शन ट्रेड कैसे काम करता है
बाइनरी ट्रेडिंग के लिए डिजिटल मुद्रा

ऊपर दिए उदाहरण का उपयोग करके, वन टच ट्रेड में यह ज़रूरी है कि एस&पी 500 की कीमत समाप्ति अवधि तक एक पूर्वनिर्धारित मूल्य स्तर तक पहुंचे। आपको साधारणतया दो मूल्य स्तर दिए जाते हैं, एक वर्मन मूल्य से अधिक और दूसरा उससे कम।

अब भी एस&पी 500 की वर्तमान कीमत $1430 का प्रयोग करके ब्रोकर आपको दो मूल्य सीमाएं दे सकता है $1400 और $1460 विश्लेषण के बाद, आप इस नतीजे पर पहुँचते हैं चूंकि कीमत आगे बढ़ रही है तो यह घटना शुरू होने से पहले कम से कम $1437 तक पहुंचेगी। यह भी नतीजा निकलते हैं कि इसकी कीमत 150 मिनट के अंदर $1437 हो जाएगी।

वन टच ट्रेड का प्रयोग करके आप बस अपना ट्रेड $1437 के मूल्य स्तर और 150 मिनट की समाप्ति अवधि पर लगा देते हैं ।

अगर कीमत समाप्ति अवधि से पहले $1437 तक पहुँच जाती है, तो आपको लाभ होगा। लेकिन अगर यह कभी भी $1437 तक नहीं पहुँचती तो आपकी निवेश की हुई सारी राशि डूब जाएगी।

रेंज बाइनरी ऑप्शन कैसे काम करता है

जैसा कि नाम से पता चलता है, रेंज बाइनरी ऑप्शन आपको एक विशेष मूल्य श्रेणी का अनुमान लगाने की सुविधा देता है जिसमें आपके अपेक्षा के अनुसार किसी विशिष्ट समयसीमा में आधारभूत संपत्ति की कीमत  होनी चाहिए। अगर ट्रेड की समाप्ति पर कीमत चुनी हुई रेंज (श्रेणी) के अंदर ही रहती है तो लाभ होता है।

उक्त उदाहरण का के अनुसार, रेंज 150 मिनट में $1430 और $1437 के बीच रहेगी। अगर कीमत $1430 से के नीचे जाती है या $1437 से ऊपर जाती है तो आप अपनी निवेश की हुई राशि खो देंगे।

आपने ध्यान दिया होगा, हाई/लो ट्रेड की तुलना में एक्ज़ोटिक बाइनरी ऑप्शन में अधिक जोखिम और लाभ की अधिक संभावना होती है। जबकि क्लासिक हाई/लो ट्रेड 50% से 85% के बीच रिटर्न देता है वहीं एक्ज़ोटिक ट्रेड 500% तक रिटर्न दे सकता है।

उच्चतर रिटर्न अन्य ट्रेड पर आपको हुए घाटों को कवर करके लाभ कमाना आसान बना देता है। लेकिन आपको ऐसी ट्रेड ,जो अवास्तविक ओच्छ रिटर्न ऑफर करती है, में निवेश करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि ऐसे में साधारणतया घाटा होने की संभावना लाभ की संभावना से अधिक होती है।.

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से बाइनरी ऑप्शन में ट्रेड करना

अगर आप भरोसेमंद बाइनरी ऑप्शन ब्रोकर ढूंढते रहे हैं, तो आपने ध्यान दिया होगा कि कुछ ब्रोकर किसी विशेष क्षेत्र के ट्रेडरों को खारिज कर देते हैं। इसका कारण यह है कि बाइनरी ऑप्शन ब्रोकरों को विशेष देश के नागरिकों को अपनी सेवाएँ देने के लिए लाइसेन्स लेना होता है और विनियमित होना होता है। कई बाइनरी ब्रोकरों वास्तव मेन कई देशों के विनियमकों द्वारा दंडित किया गया और जुर्माना लगाया गया है। उदाहरण के लिए यूएस प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) ने वर्ष 2013 में साइप्रस स्थित ब्रोकर पर यूएस नागरिक को अवैध रूप से बाइनरी ऑप्शन बेचने का आरोप लगाया और जुर्माना किया। इसी फर्म पर CySEC द्वारा भी जुर्माना लगाया गया।

Cइसलिए बाइनरी ऑप्शन ब्रोकर चुनने के लिए पहले आपको आपके देश और बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग को विनियमित करने वाले स्थानीय क़ानूनों को ध्यान में रखना होता है। कुछ देशों ने वास्तव में बाइनरी ऑप्शन को बैन कर दिया है। आपको यह भी ध्यान में रखना होता है कि ब्रोकर के पास वास्तव में लाइसेन्स है या नहीं और वह आपके देश के वित्तीय प्राधिकारणों द्वारा विनियमित है या नहीं। विनियमन सुनिश्चित करता है कि आपके फंड बीमाकृत हों और इस प्रकार आपके धन को धोखाधड़ी के व्यापार से बचाता है।

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग की यूएस और गैर यूएस देशों में तुलना

यूएसए ट्रेडिंग बाइनरी विकल्प

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग को यूएस में सख्ती से विनियमित किया गया है। जिन ब्रोकरों को बाइनरी ऑप्शन ऑफर करने की अनुमति है उन्हें या तो प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) से या फिर कमोडिटीज़ फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफ़टीसी) से लानसेन्स प्राप्त करना होता है और विनियमित होना होता है। इसलिए यूएस के बाहर के कुछ ही ब्रोकर अमेरिकी नागरिकों को अपनी सेवाएँ देते हैं।

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए यूएस के बाहर भी सख्त नियम हैं। लेकिन, अब भी कुछ ऐसे ब्रोकर है जो बिना लाइसेन्स लिए या बिना पूरी तरह विनियमन के अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। कुछ सुप्रसिद्ध विनियमन समितियों में साइप्रस प्रतिभूति और विनिमय आयोग (CySEC) और औस्ट्रेलियाई प्रतिभूति और निवेश आयोग (ASIC) शामिल हैं। इज़राइल और कनाडा जैसे देशों में बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग प्रतिबंधित है।

यूएस में, बाइनरी ऑप्शन आम तौर पर विनिमय केंद्र (exchange) द्वारा ऑफर किए जाते हैं। विनिमय केंद्र हर ट्रेड पर कुछ शुल्क लगा कर धनार्जन करते हाँ। यूएस में संचालित लोकप्रिय विनिमय केन्द्रों में से एक है NADEX। यह CFTC द्वारा विनियमित है।

यूएस के बाहर, बाइनरी ऑप्शन आम तौर पर वैयक्तिक ब्रोकरों द्वारा ऑफर किया जाता है। ब्रोकर, जीते हुए ट्रेड पर किए भुगतान और हारी हुई ट्रेड पर काटी हुई राशि के बीच के प्रतिशत अंतर की गणना कर धन अर्जित करते हैं। कुछ ब्रोकर ट्रेड और व्यक्तिगत ट्रेडर खातों पर शुल्क और कमीशन भी लगाते हैं।

दुनिया के सभी क्षेत्रों में ब्रोकर और विनिमय केंद्र दोनों के लिए बाइनरी ऑप्शन की कीमत को 1 से 100 के बीच में बताई जाती है। यह कीमत पूरी ट्रेड अवधि में बदलती रहती है। कीमत में बदलाव की वजह से ही एक ट्रेड पर या तो मुनाफा कमाया या घाटा उठाया जाता है।

साथ ही, किस ब्रोकर में निवेश किया जा रहा है उस पर ध्यान दिए बगैर भी ट्रेडर को हर ट्रेड की लाभ और हानि की संभावना का पता होगा। लाभ और हानि क्रमश $100 और निवेश की गई राशि पर सीमित किए गए हैं।

दुनिया की सभी जगहों के कई विनिमय केंद्र और ब्रोकर विशेष टूल भी ऑफर करते हैं जो ट्रेडरों को घाटा कम करने और लाभ पर ट्रेड बंद करने में मदद करते हैं। इनमें स्टॉप और समाप्ति अवधि से पहले ट्रेड से बाहर आने की सुविधा शामिल हैं। कुछ मामलों में ब्रोकर समाप्ति अवधि से पहले ट्रेड से बाहर आने पर एक छोटा सा शुल्क भी काट सकते हैं।

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग के फायदे
ट्रेडिंग बाइनरी विकल्प का समापन

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग का एक फायदा यह है कि आपको संभावित लाभ या हानि का पता होगा। हर ट्रेड के आम तौर पर दो संभावित परिणाम होते हैं। अगर ट्रेड सफल होती है तो आप एक नियत मुनाफा कमाते हैं। अगर ट्रेड सफल नहीं होती है, तो आप अपनी निवेश की हुई राशि खो देते हैं। इससे यह पहचानना आसान हो जाता है कि कहाँ मुनाफे की संभावना घाटे की संभावना से अधिक है।

एक और फायदा यह है कि कई ब्रोकर ट्रेड लगाने पर कोई शुल्क या कमीशन नहीं लगाते। इससे आप आप अर्जित धन का अधिक से अधिक हिस्सा रख सकते हैं। लेकिन चूंकि ब्रोकर अलग-अलग होते हैं इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप ऐसा ब्रोकर चुने जो आपकी ट्रेड पर कोई शुल्क या कमीशन न लगाए। कुछ ब्रोकर ट्रांजैक्शन शुल्क भी कवर करते हैं जो आपके खाते में पैसे जमा करते और निकलते वक़्त भुगतान प्रक्रिया में लगाई जा सकती है।

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग काफी आसान भी है। आपको बस विशेष वित्तीय इन्स्ट्रुमेंट की कीमत में बदलावों का विश्लेषण करना होता है और अनुमान लगाना होता है कि एक विशेष समयावधि में इसकी कीमत बढ़ेगी या घटेगी।

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडर के तौर पर आप एक ट्रेड पर $1 जैसी छोटी सी राशि भी निवेश कर सकते हैं जिसमें इस राशि से कहीं ज़्यादा कीमत का एक इन्स्ट्रुमेंट भी शामिल होता है। इसमें तरलता की भी कोई चिंता नहेन है क्योंकि आप आधारभूत संपत्ति के वास्तव में स्वामी नहीं होते।

कई बाइनरी ऑप्शन ब्रोकर उपयोगी टूल्स और सुविधाओं की लंबी श्रेणी उपलब्ध कराते है जिनसे वित्तीय बाज़ार की पूरी जानकारी रखना, अपने खाते का प्रबंधन करना और अलग-अलग ट्रेडिंग कार्यनीतियाँ अमल में लाना आसान हो जाता है। ये आम तौर पर उनके प्लेटफॉर्म पर बिना किसी अतिरिक्त लागत के उपलब्ध होते हैं।

अंतत: बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग आपको वैश्विक रूप से वित्तीय बाज़ारों में उपलब्ध विभिन्न आस्ति वर्गों तक पहुँचने में मदद करता है। जब तक कि आपके पास आपके ट्रेडिंग खाते की एक्सेस है, आप किसी भी खुले बाज़ार को एक्सेस कर सकते हैं।

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग के नुकसान
द्विआधारी विकल्प पूर्ण गाइड

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग का एक मुख्य नुकसान यह है कि एक घाटे को कवर करने के लिए कई ट्रेड जीतने की ज़रूरत होती है। कई हारी हुई ट्रेड बड़ी आसानी से आपका सारा ट्रेडिंग खाता खाली कर सकती हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप प्रमाणिक ट्रेडिंग कार्यनीति अपनाएं और ट्रेड लगाने से पहले उस इन्स्ट्रुमेंट के कीमत बदलावों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करें।

यूएस के बाहर के कई ब्रोकर विनियमित नहीं हैं। इनमें धन निवेश करने पर आपके धन के बीमाकृत होने की कोई गारंटी नहीं होती। हम आपको सदैव यही सुझाव देते हैं कि किसी ब्रोकर के साथ खाता खोलने से पहले ब्रोकर के बारे में सावधानीपूर्वक अन्वेषण करें।

 

 

 

निष्कर्ष:

बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग किसी वित्तीय इन्स्ट्रुमेंट के कीमत बदलावों का अनुमान लगाकर एक नियत रिटर्न कमाने का आसान तारीक है। बिना कोई बड़ी राशि निवेश किए वित्तीय इन्स्ट्रुमेंट पर ट्रेडिंग शुरू करने के बेहतरीन तरीकों में से एक है। अमेरिका और अन्य देशों से चुनने के लिए कई ब्रोकर और विनिमय केंद्र उपलब्ध हैं। दुनिया भर के विनियामकों ने लाइसेंसिंग और वैध ब्रोकरों पर नज़र रखकर ट्रेडरों को धोखेबाज़ ब्रोकरों से बचाने के कई प्रयास किए हैं। लेकिन, अमेरिका के बाहर संचालित गैर विनियमित ब्रोकरों की संख्या उच्च बनी हुई है।

बाइनरी ऑप्शन में ट्रेडिंग करने के फ़ायदों में शुरू करने के लिए कम पूंजी की आवश्यकता और वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में आसान पहुँच शामिल हैं। किसी भी अन्य बाज़ार, जहां पर वित्तीय इन्स्ट्रूमेंट्स की ट्रेडिंग की जाती है, की तरह ही बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग में भी कुछ जोखिम हैं। एक हारी हुई ट्रेड को कवर करने के लिए कई ट्रेड जीतने की जरूरत हो सकती है। फिर भी, कई ब्रोकर इस बाज़ार में प्रामाणिक ट्रेडिंग कार्यनीतियों को अपनाकर और ब्रोकर द्वारा उपलब्ध कराये गए टूल्स का उपयोग करते पैसे कमा रहे हैं।

अगर आप बाइनरी ऑप्शन ट्रेडिंग शुरू करना चाहते हैं तो यह ज़रूरी है कि आपको इस बात की अच्छी जानकारी हो कि वित्तीय बाज़ार कैसे काम करते हैं और आपको एक सम्मानित ब्रोकर ढूँढने में समय लगाना चाहिए।