हाल ही में, हम बाइनरी ऑप्शंस के बारे अधिक सुनने लगे हैं। बाइनरी ऑप्शंस बहुत से वैश्विक बाज़ारों में ट्रेड करने का आसान तरीका है।

लेकिन, इसकी अवधारणा आसान होते हुए भी हर किसी को बाइनरी ट्रेडिंग के जोखिमों और फ़ायदों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। इन मार्गदर्शिकाओं में, हम विस्तार से बताएँगे कि बाइनरी ऑप्शंस क्या हैं और आपको क्या -क्या जानने की आवश्यकता है अगर आपको ट्रेडिंग शुरू करने की सोच रहे हैं।

यद्यपि कि बाइनरी ऑप्शंस अधिक आकर्षक विकल्प माने जाते हैं, ये समझने और प्रयोग करने में बहुत ही आसान होते हैं। वहीं High-Low ऑप्शन सबसे लोकप्रिय विकल्प होने के साथ-साथ सबसे आसान भी है। इन्हें “फिक्स्ड-रिटर्न” ऑप्शन भी कहते हैं, इसकी एक समाप्ति तिथि/ समय या “स्ट्राइक मूल्य” होता है।

समाप्ति अवधि/ समय आपके द्वारा चुने गए प्लैटफॉर्म पर निर्भर करती है। इसका फायदा यह है कि ट्रेडर को पता होता है कि उसे कितना फायदा या कितना नुकसान होगा चाहे परिणाम कुछ भी हो , मतलब ये कि रिवार्ड और जोखिम पहले से ही पता होते हैं। लेकिन, एक चीज जो ध्यान में रखनी चाहिए कि रिवार्ड हमेशा जोखिम से कम होता है।

तो यह कैसे काम करता है? मान लीजिए कि एक आस्ति है जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं और उसका नाम X है। आस्ति X की वर्तमान कीमत $X है। समाप्ति अवधि 2 दिन है। अगर आप high-low विकल्प चुनते हैं, तो आपको अनुमान लगाना होगा कि आस्ति की कीमत किस दिशा में जाएगी।

“High” का मतलब है कि कीमत बढ़ेगी, जबकि “Low” का मतलब कीमत घटने वाली हैं। अगर आपका निवेश सही है, आपको एक निश्चित रिटर्न का भुगतान होगा और अगर आपका निवेश गलत है तो आप अपना निवेश किया हुआ सारा धन खो देंगे। 

अन्य बाइनरी ऑप्शनहै “call-put” ऑप्शन।डबल्यूके ट्रेडर को “call” ऑप्शन तब लेना चाहिए जब उसे विश्वास हो कि बाज़ार बढ़ेगा, दूसरी ओर अगर ट्रेडर को लगता है कीमतें गिरेंगी तो उन्हें “put” ऑप्शन खरीदना चाहिए। ये एक स्ट्राइक मूल्य देते हैंजिसके द्वारा यह अनुमान लगाया जा सकता है कि समाप्ति अवधि के खत्म होने पर कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी।

“call” ऑप्शन के सफल होने के लिए, समाप्ति अवधि के अंत में कीमत स्ट्राइक मूल्य से अधिक होनी चाहिए। इसके विपरीत “put” के सफल होने के लिए समाप्ति अवधि के अंत में कीमत स्ट्राइक मूल्य से कम होनी चाहिए।

स्ट्राइक मूल्य ट्रेडर की शुरुआत के साथ-साथ समाप्ति तिथि/अवधि, भुगतान और जोखिम पर निर्भर करता है। ज़्यादातर ब्रोकर वित्तीय उत्पाद के वर्तमान मूल्य को स्ट्राइक मूल्य के रूप में चुनते हैं, उदाहरण के लिए करेंसी जोड़े या S&P 500 इंडेक्स।

साधारण शब्दों में कहें तो, आप दांव लगा रहे हैं कि दिए हुए समय में कीमत वर्तमान कीमत की तुलना में घटेगी या बढ़ेगी।

एक और बाइनरी ऑप्शन है “range” ऑप्शन। “range” ऑप्शन में ट्रेडर एक रेंज चुन सकते हैं जिसके बीच समाप्ति अवधि अंत में कीमत होगी साफ तौर पर , अगर कीमत उस रेंज में हैं तो जीतने वाली परिस्थिति है, नहीं तो साफ तौर पर हार है

One Touch” एक और बाइनरी ऑप्शन है जिसे आप चुन सकते हैं। इसका मतलब है कि किसी आस्ति को एक निश्चित समय में एक निश्चित मूल्य बिन्दु तक कम से कम एक बार पहुंचना होगा तब ट्रेड सफल मानी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, कुछ ब्रोकर आपको खुद समाप्ति अवधि सेट करने का विकल्प देते हैं। जैसा कि आपने अभी तक ध्यान दिया होगा, समाप्ति तिथि / समय वह मुख्य कारक है जो यह निर्णय करता है कि आप निवेश की गई राशि खो देंगे या पैसे कमा लेंगे।

कुछ ब्रोकर अपने ग्राहकों उनकी वरीयता अनुसार समाप्ति अवधि चुनने का अवसर देते हैं, जो कि कम से कम 60 सेकंड हो सकती है और अधिकतम कई महीनों की भी हो सकती है।

लेकिन, सभी ट्रेडरों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यद्यपि समाप्ति समय ज़्यादा होने पर भुगतान ज़्यादा होगा , और भी कई चीजें हैं जो लंबी समयावधि में घटित हो सकती हैं।

आप जो भी प्लैटफॉर्म चुनते हैं उस के अनुसार आपके पास अलग-अलग आस्तियों में ट्रेड करने के अवसर होंगे। समान्यतया ब्रोकर निम्न आस्तियां ऑफर करते हैं:

सूचकांक: Nikkei, Nasdaq, Dow Jones, इत्यादि।
करेंसी जोड़े: USD/EUR, EUR/GBP, USD/AUD इत्यादि।
स्टॉक्स: Google, Facebook, Coca Cola इत्यादि।
कमोडिटीज़: Gold, Silver, Coffee, Oil इत्यादि।

बाज़ार में ऐसे कई ब्रोकर हैं जो अलग-अलग प्रकार के ;आभ ऑफर करते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर में भुगतान और जोखिम निश्चित होता है। ब्रोकर हारने वाले ट्रेडरों से निवेशित धन और जीतने वाले ट्रेडों में प्रतिशत की गड़बड़ियों का धन इकट्ठा कर कमाई करते हैं।

बाइनरी ऑप्शंस आधुनिक समय में ट्रेडिंग करने का सरल तरीका है। ये समझने में आसान है और समझने में और भी आसान है; लेकिन आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि इसमें जोखिम शामिल है।

सुनिश्चित कर लें कि आपने इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले बाइनरी ट्रेडिंग के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली है और बाइनरी ऑप्शंस ब्रोकरों द्वारा ऑफर किए जाने वाले वीडियो ट्यूटोरियल भी देख लें।

 

हैप्पी ट्रेडिंग!

बाइनरी ऑप्शंस ट्रेडिंग के बारे में अधिक जानें:

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